Sunday, April 27, 2008

Thee Maheenon Tak Feza Mein Suunita William Makeen

थी महीनों तक फेज़ा में सूनिता विलियम मकीं
मुन्फरिड है सब रिसलों से यह उर्दू मगजिनेकर्ती है हमवार जो इल्मी तानाजुर की ज़मीन्जिन में है जौक ऐ ताजस्सुस और असरी आगहीकारते हैं स्सिएंस से वह इस्तेफदः बेह्तारीन्जिदगी का कोई भी शोबह नहीं इस से अलाघई यही हर कारगाह ऐ टेक्नोलॉजी की मशीन्सरी दुनिया में है इसका आजकल बाज़ार गर्म्जिसकी ईजदत से है यह जहाँ बेहद हसीन्कार्वान तहकीक का है इस से सरगर्म ऐ अमल्हर तरफ़ जिस का अयन है एक नक्श ऐ दिल्नाशीन्राडियो और तेलेविसिओं हैं इसी का शःकार्होते हिएँ मह्जूज़ जिस से समीन ओ नाज्रीन्हार तरफ़ है जिस से बरपा एक जेहनी इन्केलाबाज कंप्यूटर है इसका एक नमूनाह बेह्तारीन्फस्लाह कोई नहीं है आज कुर्ब ओ बोड मेंदास्तारस में अब है मिर्रिख ओ कमर की सर्ज़मीन्कतरे हैं अहल ऐ ज़मीं शाम ओ सहर स्पस वाल्क्थी महीनों तक खला में "सूनिता विलियम "मकीनाज्म ऐ रासिख हो अगर टू हम किसी से कम नहिंकोई माने या न माने है मुझे इसका याकींहम भी हो सकते हैं मैदान ऐ अमल में सुर्ख्रूहैन हमारे नौजवान अहमद अली बेहद जेहीं

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