Kijiye Aaloodgi ka sadde bab
कीजिये आलूदगी का सद्दे बाब
कीजिये आलूदगी का सद्दे बाब
कीजिये आलूदगी का सद्देबआआसबाब्नाऊ ऐ इन्सान के लिए है यह अज़भई अगर डरकर हिफ्ज़ं ऐ सेहत्किजिये इस से हमेशा इज्तेनाब्जान का जंजाल है आलूद्गिहें मुजिर अस्रत इस के बेहिसब्कर्खानों की मुजिर गैसों से आज्जिसको देखो खा रहा है पेच ओ तभर तरफ़ है कोर्बों ही कोर्बोनोक्सिगें का तावाज़ुं है खराब्घुत रहा है दम मुकद्दर है फिज़जिंदगी में कुछ नहीं है आब ओ तभी फ्लोरिदे का पानी में असर्जिस से है लोगों में बेहद इज्तेराब्झुक गयी फरत ऐ नाकाहत से कमारिस से है डरकर छुटकारा शेताभई परीशंहाल हर छोटा बदाब बड़े शहरों में जीना है अज़ब्नीन्द की गोली भी अब है बे असरुद गया है आजकल आंखों से खावाब्शाक्ल में आलूदगी की आज्कल्हाई मुसल्लत हम पे फितरत का अज़बंगिनित दरपेश हिएँ ऐसे सवाल्जिंका मिलना है अभी बाकी जवाब्मुख्तासर है ज़िंदगी का यह सफर्जो भी करना है हमें कर लें शेताभर किसी के जेहन में है यह सवालाज क्यों माहौल है इतना खराभई ज़रूरत वक्त की अहमद अलीसाब करें मिल जुल के इसका एह्तेसब

0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home