Information Technology
इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी
हिंद था हर दौर में गह्वारह ऐ इल्म ओ हुनारिस लिए यह सरज़मीं थी मर्जः ऐ अहल ऐ नज़र्था दराख्शन इस का माजी हाल भी है तब्नाखोगा मुस्ताक्बिल भी राशन कह रहे हैं दिदः वार्क़फिला तहकीक का है सु ऐ मंजिल गम्ज़न्कुछ भी नामुमकिन नहीं है हो अगर अजम ऐ सफराज कंप्यूटर को हासिल है कलिदी हैसियाथई यह असरी आगाही का एक वासिलाह कर्गढ़ईं सर ऐ फिह्रिस्ट विप्रो और सत्यम आज्कल्नाम है उनका जहाँ ऐ इल्म ओ फेन में मोताबर्प्रेमजी ने आईटी में कर के बरपा इन्किलाभिंद को सरे जहाँ में कर दिया है नाम्वार्हाई यह सब इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी का कमाल्लोग गिर्द ओ पेश के हालत से हैं बखाबर्मुल्क की तामीर ऐ नौ में हैं जो सरगर्म ऐ अमल्राह्नुमै कर रही है उनकी यह शाम ओ सहर्हाई मुहीत आधी सदी पर इस की इल्मी पेश्रफ्त्हाई सबक आमुज़ इस की कामयाबी का सफरिस्तेफदः कर रहे हैं आज इस से खास ओ आमाज यह राह ऐ तरक्की में है सब का हम्सफर्लोग हर शोबे में इस से हो रहे हैं फैज्याबस्र ऐ हाजिर मैं है यह नाख्ल ऐ सआदत का समर्वोर्ल्ड वाइड वेब का फैला हर तरफ़ है एक जाल्तेज्तर ऐ मेल से कोई नहीं है नमः बरहम फजई टेक्नोलॉजी में किसी से कम नहिंदेता है "इन्सत" हम को सारे आलम की खबराज्कल है कॉल सेंटर से सभी का राब्ताहिस से पैहम मुत्तासिल हैं कर्गाह ऐ बहर ओ बरल्घराज़ हर चीज़ है अब "आईटी" से मुन्सलिक्कोई शै ऐसी नहीं है जिस को हो इस से मफर्मुन्हासिर है आईटी पर आज सारा मेदिईस की तद्रीजे तरक्की का न होगा बंद दराइये अहमद अली बरकी करें ताज्दिद ऐ अह्द्तई करेंगे हम मुसलसल कामयाबी का सफर
हिंद था हर दौर में गह्वारह ऐ इल्म ओ हुनारिस लिए यह सरज़मीं थी मर्जः ऐ अहल ऐ नज़र्था दराख्शन इस का माजी हाल भी है तब्नाखोगा मुस्ताक्बिल भी राशन कह रहे हैं दिदः वार्क़फिला तहकीक का है सु ऐ मंजिल गम्ज़न्कुछ भी नामुमकिन नहीं है हो अगर अजम ऐ सफराज कंप्यूटर को हासिल है कलिदी हैसियाथई यह असरी आगाही का एक वासिलाह कर्गढ़ईं सर ऐ फिह्रिस्ट विप्रो और सत्यम आज्कल्नाम है उनका जहाँ ऐ इल्म ओ फेन में मोताबर्प्रेमजी ने आईटी में कर के बरपा इन्किलाभिंद को सरे जहाँ में कर दिया है नाम्वार्हाई यह सब इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी का कमाल्लोग गिर्द ओ पेश के हालत से हैं बखाबर्मुल्क की तामीर ऐ नौ में हैं जो सरगर्म ऐ अमल्राह्नुमै कर रही है उनकी यह शाम ओ सहर्हाई मुहीत आधी सदी पर इस की इल्मी पेश्रफ्त्हाई सबक आमुज़ इस की कामयाबी का सफरिस्तेफदः कर रहे हैं आज इस से खास ओ आमाज यह राह ऐ तरक्की में है सब का हम्सफर्लोग हर शोबे में इस से हो रहे हैं फैज्याबस्र ऐ हाजिर मैं है यह नाख्ल ऐ सआदत का समर्वोर्ल्ड वाइड वेब का फैला हर तरफ़ है एक जाल्तेज्तर ऐ मेल से कोई नहीं है नमः बरहम फजई टेक्नोलॉजी में किसी से कम नहिंदेता है "इन्सत" हम को सारे आलम की खबराज्कल है कॉल सेंटर से सभी का राब्ताहिस से पैहम मुत्तासिल हैं कर्गाह ऐ बहर ओ बरल्घराज़ हर चीज़ है अब "आईटी" से मुन्सलिक्कोई शै ऐसी नहीं है जिस को हो इस से मफर्मुन्हासिर है आईटी पर आज सारा मेदिईस की तद्रीजे तरक्की का न होगा बंद दराइये अहमद अली बरकी करें ताज्दिद ऐ अह्द्तई करेंगे हम मुसलसल कामयाबी का सफर

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